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खेतों की तारबंदी के लिए किसानों को मिलेगी 48 हजार रुपए की सब्सिडी, 30 मई से होंगे आवेदन

तारबंदी Fencing पर अनुदान हेतु आवेदन
खेतों की तारबंदी के लिए किसानों को मिलेगी 48 हजार रुपए की सब्सिडी, 30 मई से होंगे आवेदन तारबंदी Fencing पर अनुदान हेतु आवेदन हर सीजन में किसानों की फसलों को आवारा पशुओं एवं नीलगाय आदि जंगली जानवरों से फसलों को काफी नुकसान होता है,  जिसका असर फसलों के उत्पादन एवं किसानों की आय पर पड़ता है। जिसके चलते किसानों के लिए यह एक बड़ी समस्या बना हुआ है। पशुओं से होने वाले इस नुकसान से किसानों को बचाने के लिए राजस्थान सरकार किसानों के लिए तारबंदी योजना चलाई जा रही है। जिसमें इस वर्ष कुछ परिवर्तन किए गए हैं। किसान योजना के तहत आवेदन 30 मई से कर सकेंगे। राजस्थान सरकार किसानों की फसलों को आवारा पशुओं एवं नीलगाय से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए कांटेदार तथा चैनललिंक तारबंदी के लिए 48 हजार रूपये तक का अनुदान देगी। इसके लिए कृषि विभाग ने काश्तकारों से 30 मई, 2022 से ऑनलाईन आवेदन मांगे हैं।

तारबंदी fencing पर कितना अनुदान (Subsidy) दी जाएगी
किसानो की फसलों को जंगली एवं आवारा पशुओं से नुकसान से बचाने के लिए तारबंदी योजना चलाई जा रही है। जिसमें किसानों को आर्थिक मदद करने के लिए सरकार सहायता देती है। योजना के तहत लघु एवं सीमान्त कृषकों को तारबंदी की लागत का 60 प्रतिशत अथवा अधिकतम राशि 48 हजार रूपये देय होगी। इसके अतिरिक्त 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम 8000 रूपये की राशि मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना से भी दी जाएगी । अन्य किसानों को तारबंदी की लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 40 हजार रूपये देय होगा।

क्या है खेतों की तारबंदी के लिए योजना
राजस्थान सरकार द्वारा राज्य में पहले से ही खेतों की तारबंदी के लिए योजना चलाई जा रही है परंतु इस वर्ष बजट में सरकार ने योजना में परिवर्तन करने की घोषणा की थी। जिसके बाद योजना में परिवर्तन कर लागू किया जा रहा है। आयुक्त कृषि ने बताया कि राजस्थान फसल सुरक्षा मिशन के तहत इस योजना का लाभ सभी श्रेणी के कृषकों को दिया जायेगा। कृषक अगर व्यक्तिगत आवेदन करता है तो उसके पास कम से कम 1.5 हैक्टेयर भूमि एक ही स्थान पर होनी चाहिए। अगर किसी किसान के पास 1.5 हैक्टेयर से कम भूमि हो तो वह कृषक समूह में आवेदन कर सकता है। इसके लिए कृषक समूह में कम से कम 2 किसानों का होना आवश्यक होगा तथा उनके पास न्यूनतम 1.5 हैक्टेयर जमीन होनी चाहिए।

समूह की भूमि की सीमाएं निर्धारित पेरिफेरी में होनी चाहिए। तारबंदी अनुदान प्रति कृषक 400 रनिंग मीटर की सीमा तक देय होगा, खेत की पेरिफेरी की लम्बाई 400 मीटर से अधिक होने पर कृषक द्वारा स्वयं के स्तर पर तारबंदी की जायेगी तथा आवश्यक क्षेत्र में सम्पूर्ण रूप से तारबंदी होने के उपरान्त ही कृषक को अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जायेगी।

इस तरह किया जाएगा किसानों का चयन

योजना के तहत जिलों को आवंटित कुल लक्ष्यों में से न्यूनतम 30 प्रतिशत तारबंदी अनुदान कार्यक्रम में लघु एवं सीमान्त श्रेणी कृषकों को लाभान्वित किया जायेगा। आवेदनों का निस्तारण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जायेगा। उन जिलों में जहां लक्ष्य से डेढ़ गुना ज्यादा आवेदन प्राप्त होगें वहां लॉटरी प्रक्रिया के आधार पर आवेदनों का निस्तारण किया जायेगा।

क्या है आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

किसानों को तारबंदी योजना के आवेदन के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज अपने पास रखना ज़रूरी होगा। आवेदन करने कि बाद यदि किसान का चयन होता है तो कृषि विभाग द्वारा दस्तावेज़ों का सत्यापन भी किया जाएगा। किसान आवेदन करते समय निम्न दस्तावेज अपने पास रखें:- जन-आधार कार्ड, जमाबंदी की नकल देनी होगी जो 6 माह से अधिक पुरानी न हो, बैंक पासबुक की प्रति, जाति प्रमाण पत्र।

किसान तारबंदी पर अनुदान Subsidy हेतु यहाँ करें आवेदन
राज्य के किसान योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। किसान यह आवेदन स्वयं या नज़दीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा किसान राज किसान साथी पोर्टल से भी आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए किसान तारबंदी अनुदान योजना के सम्बन्ध में अन्य जानकारी के लिए निकटतम कृषि कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं। साथ ही राज किसान साथी हेल्प लाईन नम्बर – 0141-2927047 या किसान कॉल सेन्टर के निःशुल्क दूरभाष नम्बर 18001801551 पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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