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मार्च 12, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सम्पूर्ण भारत का मार्च 18, 2023 का मौसम पूर्वानुमान

सम्पूर्ण भारत का मार्च 18, 2023 का मौसम पूर्वानुमान देश भर में मौसम प्रणाली: एक पश्चिमी विक्षोभ को अफगानिस्तान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है एक प्रेरित चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण पश्चिम राजस्थान और उससे सटे कच्छ पर बना हुआ है। निचले स्तरों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पूर्वोत्तर राजस्थान पर बना हुआ है। एक ट्रफ निचले स्तरों पर दक्षिण तमिलनाडु से उत्तरी कोंकण तक तटीय और आंतरिक कर्नाटक और गोवा से गुजरती हुई जा रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल पिछले 24 घंटों के दौरान, सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा हुई। हिमाचल प्रदेश, पंजाब के कुछ हिस्सों, बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, मेघालय, आंध्र प्रदेश, उत्तर मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी कोंकण और गोवा, दक्षिण केरल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के बौछारें गिरी। जम्मू कश्मीर, तमिलनाडु, महाराष्ट्र के शेष हिस्सों, ओडिशा के कुछ हिस्सों, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान के कुछ हिस्सों और उत्तराखंड, गुजरात, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और असम म...

सम्पूर्ण भारत का मार्च 17, 2023 का मौसम पूर्वानुमान

  देश भर में मौसम प्रणाली: पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान के पश्चिमी हिस्सों पर बना हुआ है। प्रेरित चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र राजस्थान के मध्य भागों पर बना हुआ है। एक ट्रफ आंतरिक तमिलनाडु से आंतरिक कर्नाटक होते हुए कोंकण तक फैली हुई है। एक ट्रफ रेखा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल से दक्षिण ओडिशा तक गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड होकर जा रही है।   पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल पिछले 24 घंटों के दौरान, हिमाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बारिश हुई। शेष पूर्वोत्तर भारत में हल्की बारिश हुई। विदर्भ, उत्तरी मध्य महाराष्ट्र और केरल में हल्की से मध्यम बारिश और एक या दो स्थानों पर गरज के साथ तेज बारिश हुई। पूर्वी गुजरात, राजस्थान के कुछ हिस्सों, मध्य प्रदेश, आंतरिक तमिलनाडु और ओडिशा में हल्की बारिश हुई। उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और उत्तरी कोंकण और गोवा में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई। पश्चिमी हिमालय के कई स्थानों ...

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किसान भाइयों इस पोस्ट में ब्लू कॉपर फंगीसाइड के बारे में संपूर्ण जानकारी बताया गया है  इसे आप कौन-कौन से फसलों पर स्प्रे कर सकते हैं  कौन-कौन से फंगस को नियंत्रण करता है इसका केमिकल एंड फॉर्मूलेशन क्या है या किस तरीके से काम करता है उसकी डोज क्या है ? इसकी कीमत क्या है ? पूरा जानकारी बताया गया है पूरा जानकारी के लिए इस वीडियो को एक बार जरूर देखें और ज्यादा जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट को सब्सक्राइब कर लीजिए और यूट्यूब चैनल को भी सब्सक्राइब कर लीजिए किसान भाइयों ब्लू कॉपर फंगीसाइड की अधिक जानकारी के लिए इस लिंक को क्लिक करें और वीडियो को देखें 👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇 https://youtu.be/BjEPBv7i6Gg

मौसम चेतावनी: 16 से 19 मार्च के दौरान इन जिलों में हो सकती है बारिश एवं ओलावृष्टि

मौसम चेतावनी: 16 से 19 मार्च के दौरान इन जिलों में हो सकती है बारिश एवं ओलावृष्टि -  16 से 19 मार्च के लिए मौसम पूर्वानुमान देश में एक बार फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है इसके साथ ही एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण पूर्व राजस्थान और इसके आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है जिसके प्रभाव से आने वाले दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में जहां बादल छाए रहेंगे वहीं कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ ही गरज चमक के साथ बारिश एवं ओला वृष्टि होने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग IMD की मानें तो महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा एवं पंजाब राज्यों के अधिकांश जिलों में 16 से 19 मार्च के दौरान गरज चमक के साथ ही आंधी बारिश होने की सम्भावना है। इसके अलावा 16 एवं 17 मार्च के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में ओला वृष्टि भी हो सकती है।  मध्य प्रदेश के इन जिलों में हो सकती है  बारिश एवं ओलावृष्टि -   भारतीय मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार 16 से 19 मार्च के दौरान मध्यप्रदेश के भोपाल, वि...

चप्पन कद्दू की खेती से किसान चमकाएं अपनी किस्मत, कम लागत में मिलेगा मुनाफा !

भारत में अब किसान पारंपरिक खेती से हटकर सब्जी, औषधीय पौधे और फूलों की खेती कर रहे हैं, तभी किसानों को खेती में अच्छा मुनाफा हो रहा है क्योंकि यह फसलें कम लागत और कम समय में अच्छा मुनाफा देती हैं ऐसे में आपको चप्पन कद्दू की खेती की जानकारी दे रहे हैं जिसे जुकीनी भी कहते हैं जो किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रही है. चप्पन कद्दू की खेती कद्दू वर्गीय फसल के लिए होती है. यह एक लतावर्गीय पौधा होता है, जिसकी लम्बाई 2-3 फीट तक ही होती है, चप्पन कद्दू का उपयोग सब्जी के रूप में होता है यह शरीर में केरोटीन की मात्रा को पूरा करता है और कैंसर की बीमारी में भी लाभकारी माना जाता है चप्पन कद्दू में पोटेशियम और विटामिन ए, सी जैसे पोषक तत्व भी होते हैं. इतना ही नहीं फिल्म स्टार इस सब्जी को खाना खूब पसंद करते हैं, क्योकि यह वजन को नियंत्रित रखने में बहुत लाभकारी होती है. इसलिए चप्पन कद्दू की खेती से किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं आईये जानते हैं खेती का तरीका...  उपयुक्त जलवायु- खेती के लिए उष्णकटिबंधीय जलवायु सबसे अच्छी होती है इसकी खेती रबी की फसल के साथ की जाती है सर्दी का मौसम स...

गेहूं एवं जौ की भरपूर पैदावार के लिए किसान इस सप्ताह करें यह काम

जौ एवं गेहूं की खेती करने वाले किसानों के लिए सलाह किसान कम लागत में गेहूं की भरपूर पैदावार प्राप्त कर सकें इसके लिए समय-समय पर कृषि विश्वविद्यालयों, वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए सलाह जारी की जाती है। जिसे अपनाकर किसान न केवल गेहूं की उत्पादकता बढ़ा सकते हैं बल्कि लागत कम कर अपनी आमदनी में भी वृद्धि कर सकते हैं। इस कड़ी में गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल द्वारा गेहूं की खेती कर रहे किसानों के लिए साप्ताहिक सलाह जारी की गई है। सलाह में बताया गया है कि मौसम विभाग IMD के द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 14 मार्च से कई स्थानों पर बादल छाए रहने के साथ ही आंधी-बारिश होने की संभावना है। जिसे देखते हुए ही किसान अपने गेहूं के खेतों में सिंचाई एवं अन्य कार्य करें।  कैसा रहेगा गेहूं की खेती के लिए मौसम जारी सलाह में कहा गया है कि उत्तर भारत के अधिकांश स्थानों पर आने वाले सप्ताह में अधिकतम तापमान 27.4 से 34.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.0 से 17.7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जो गेहूं और जौ की फसल के लिए अनुकूल है। इसके अलावा आने वाले सप्ताह...