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मौसम विभाग ने जारी किया वर्ष 2023 के लिए मानसून पूर्वानुमान, इस वर्ष बारिश को लेकर की यह भविष्यवाण

मानसून पूर्वानुमान वर्ष 2023
अभी तक किसानों के लिए यह साल परेशानियों भरा रहा है, बेमौसम बारिश एवं ओला वृष्टि से किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। वहीं प्राइवेट मौसम पूर्वानुमान एजेंसी, स्काईमेट वेदर ने इस वर्ष सामान्य से कम मानसूनी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है जिससे किसानों कि चिंता और बढ़ गई है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग IMD ने भी इस वर्ष के लिए अपना पहला मानसून पूर्वानुमान जारी कर दिया है, जिसमें किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है।  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग IMD ने इस वर्ष के अपने पहले पूर्वानुमान में इस वर्ष मानसून के सामान्य रहने की भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग की मानें तो पूरे देश में जून से सितंबर तक दक्षिण पश्चिम मानसून की 96 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना है जिससे किसानों को कम वर्षा के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

इस वर्ष मानसून में कितनी वर्षा होगी? 

मौसम विभाग ने इस वर्ष अपने पहले पूर्वानुमान में बताया है कि इस वर्ष देश में मात्रात्मक रूप से, मानसून मौसमी वर्षा ± 5 प्रतिशत की मॉडल त्रुटि के साथ लंबी अवधि के औसत ( एलपीए ) का 96 प्रतिशत होने की संभावना है। जबकि 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर पूरे देश में मौसमी वर्षा का एलपीए 87 सेमी है। वही स्काईमेट वेदर ने अपने पूर्वानुमान में 94 फ़ीसदी बारिश होने का अनुमान लगाया है। 

एलपीए का 96 से 104 प्रतिशत को सामान्य बारिश, 90 से कम प्रतिशत को कम वर्षा, 90-95 फ़ीसदी को सामान्य से कम वर्षा, 105-110 को सामान्य से अधिक वर्षा एवं 110 प्रतिशत से अधिक होने पर अधिक वर्षा की श्रेणी में रखा जाता है। मौसम विभाग द्वारा प्रतिवर्ष 2 बार मानसून का पूर्वानुमान जारी किया जाता है। पहले चरण का पूर्वानुमान अप्रैल में जारी किया जाता है और दूसरा चरण या अद्यतन पूर्वानुमान मई के अंत तक जारी किया जाता है।

किस राज्य में होगी कैसी वर्षा

जैसा कि नीचे चित्र में अलग-अलग रंगो से पता चलता है कि प्रायद्वीपीय भारत के कई क्षेत्रों और इससे सटे पूर्व मध्य भारत, पूर्वोत्तर भारत और उत्तर पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है । उत्तर पश्चिमी भारत के कुछ क्षेत्रों और पश्चिमी मध्य भारत के कुछ हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है।
जैसा कि चित्र में पीले रंगों से दिखाया गया है इस वर्ष गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश एवं राजस्थान राज्यों के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। वहीं नीले एवं हरे रंगों से दिखाए गए स्थानों केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, असम, अरुणाचल प्रदेश जम्मू कश्मीर, लड्डाख के अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से अधिक वर्षा होने की सम्भावना है। 

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