सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

किसानों के लिए खुशखबरी: अब समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान ख़रीदेगी सरकार

समर्थन मूल्य MSP पर धान की खरीद

देश में किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा कई नई योजनाएँ शुरू की जा रही है, तो वहीं खेती को लाभकारी बनाने के लिए अधिक से अधिक को किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP का लाभ दिया जा रहा है। इस कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के किसानों को एक बड़ी सौगात दी है। सरकार ने राज्य में इस वर्ष किसानों से अब प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान ख़रीदने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में किसानों के हित में बड़ी घोषणा करते हुए प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए यह घोषणा की। विधानसभा में चर्चा के बाद विनियोग विधेयक 2023 पारित कर दिया गया।

अभी 15 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान ख़रीदती है सरकार
छत्तीसगढ़ में सरकार अभी तक पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान की ख़रीदी की जाती है जिसके चलते अधिक पैदावार होने पर किसानों को शेष रह गई धान को बाजार में औने-पौने दामों पर बेचना पड़ता था। जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पढ़ता था। मुख्यमंत्री ने बताया कि मैं भेंट-मुलाकात में जहां भी गया किसानों की एक ही मांग थी, समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी की जाए। जिसे देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है।

किसानों में दौड़ी ख़ुशी की लहर 

महासमुंद जिले के बसना तहसील अंतर्गत सराईपाली में रहने वाले किसान श्री सुरेशन साहू ने इस घोषणा को किसानों के हित में लिया गया बड़ा निर्णय बताया। उन्होंने बताया कि वे दो एकड़ में खेती करते हैं और लगभग 40 क्विंटल धान की पैदावार होती है। 15 क्विंटल के बाद बाकी का धान औने-पौने दाम पर बाजार में 1200-1300 क्विंटल के दर में बेचना पड़ता था। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के इस फैसले से प्रति क्विंटल हमें 20 से 25 हजार रुपए की अतिरिक्त आय होगी।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

तारबंदी योजना को मिली मंजूरी, एक लाख किसानों को तारबंदी के लिए दिया जाएगा अनुदान

तारबंदी Fencing के लिए अनुदान योजना हर वर्ष किसानों की फसलों को आवारा पशुओं, नीलगाय एवं जंगली जानवरों से काफी नुकसान होता है, जिसका सीधा असर उनकी आमदनी पर पड़ता है। ऐसे में सरकार द्वारा फसलों की सुरक्षा के लिए कई योजनाएँ चलाई जा रही है। इसमें राजस्थान सरकार ने राज्य में किसानों को अपने खेतों की तारबंदी योजना के लिए वित्त वर्ष 2023-24 के लिए मंजूरी दे दी है। साथ ही अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल सके इसके लिए योजना में कई संशोधन भी किए गए हैं। राजस्थान सरकार प्रदेश के एक लाख किसानों को 4 करोड़ मीटर तारबंदी के लिए अनुदान देगी। इस पर 444.40 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने निराश्रित पशुओं से फसलों को बचाने के लिए तारबंदी के वित्तीय प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अब सामुदायिक तारबंदी Fencing के लिए मिलेगा 70 फ़ीसदी अनुदान तारबंदी में सामुदायिक भागीदारी पर अब पहले से अधिक अनुदान मिलेगा। इसमें 10 या अधिक किसानों के समूह को न्यूनतम 5 हैक्टेयर में तारबंदी के लिए अनुदान राशि 70 प्रतिशत की गई है। राजस्थान सरकार ने यह स्वीकृति आगामी दो वर्षों के लिए...

छत्तीसगढ़ के किसान जान लें कौन सी बीमा कम्पनी करती है उनके जिले में फसल बीमा

फसल बीमा कम्पनी लिस्ट  छत्तीसगढ़ देश में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए वर्ष 2016 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है। इस योजना को अब ऋणी किसानों के लिए स्वेच्छिक कर दिया गया है, जिससे ऋणी एवं अऋणी किसान अब अपनी इच्छा के अनुसार बोई गई फसल का बीमा करा सकते हैं। योजना के तहत प्रत्येक राज्य में सूचीवद्ध जनरल बीमा कम्पनियों के द्वारा बीमा किया जाता है। जिसमें अलग-अलग जिलों में क्लस्टर बनाकर बीमा कम्पनियाँ बीमा करती हैं। फसल बीमा कम्पनियों का चयन सम्बंधित राज्य सरकार द्वारा बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।  ऐसे में किसानों को फसल बीमा करवाते समय जिस कम्पनी के द्वारा बीमा किया गया है उसकी जानकारी होना आवश्यक है, ताकि प्राकृतिक आपदा के समय फसल क्षति होने पर किसान समय पर कम्पनी को सूचित कर फसल क्षति का आंकलन करा सकें। किसान समाधान छत्तीसगढ़ राज्य में कार्य कर रही फसल बीमा कम्पनी एवं उनके टोल फ्री नम्बर की जानकारी अपने पाठकों के लिए लेकर आया है। वर्ष 2022-23 के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य में फसल बीमा करने वाली कम्पनी लिस्ट एवं ...