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सरकार ने 15 दिनों में खरीदा 1 लाख 45 हजार क्विंटल गोबर, ग्रामीण पशुपालकों को किया गया 2 करोड़ 91 लाख रुपए का भुगतान

गोबर खरीदी का भुगतान

छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में पशुपालकों, ग्रामीणों एवं किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए गोधन न्याय योजना चला रही है। योजना के तहत ग्रामीण पशु पालकों, किसानों से 2 रुपए किलो की दर से गोबर की खरीदी करती है, जिससे विभिन्न तरह के उत्पाद जैसे वर्मी कम्पोस्ट खाद, प्राकृतिक पेंट, बिजली सहित कई उत्पाद तैयार करके बेचा जाता है। 
इस कड़ी में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 5 अप्रैल के दिन लाभार्थियों को 5 करोड़ 32 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी की। सरकार ने यह भुगतान 16 मार्च से 31 मार्च के दौरान पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों के द्वारा किए गए कामों के लिए किया गया है। इस दौरान गोठानों के माध्यम से 1 लाख 45 हजार क्विंटल गोबर के एवज में 2 करोड़ 91 लाख रुपए का भुगतान किए जाने के साथ ही गौठान समितियों को 1.43 करोड़ रुपए और महिला समूहों को 98 लाख रुपए की लाभांश राशि का वितरण शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि गोधन न्याय योजना में हम लोगों ने निरंतर उपलब्धियां हासिल की है, लेकिन राज्य में स्वावलंबी गौठानों की संख्या में जिस तेजी से वृद्धि हो रही है, वह हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ही अपने गांवों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है। उन्होंने कहा कि जिन गौठानों में प्रतिदिन 5 क्विंटल से अधिक गोबर खरीदी हो रही है, वहां बिजली उत्पादन इकाई की स्थापना के लिए विशेष पहल की जाएगी।

 गौठान समिति के सदस्यों को दी जाएगी प्रोत्साहन राशि
इस अवसर पर मुख्य मंत्री ने बताया कि जो गौठान समितियाँ स्वावलम्बी हो गई हैं उन गौठान समितियों को स्वावलंबन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए हम लोगों ने स्वावलंबी गौठान समिति के अध्यक्षों को 750 रुपए और सदस्यों को 500 रुपए हर महीने प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है। उन्होंने सभी गौठान समितियों से अपील है कि वे भी तेजी से स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ें और प्रोत्साहन का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। 


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