सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में गोबर खरीदी के लिए श्रीसीमेंट और जिला प्रशासन बलौदाबाजार-भाटापारा के बीच एमओयू

 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में गोबर खरीदी के लिए श्रीसीमेंट और जिला प्रशासन बलौदाबाजार-भाटापारा के बीच एमओयू

 
 ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने श्रीसीमेंट प्रतिदिन खरीदेगा 10 मीट्रिक टन गोबर 
एडीशनल फ्यूल रिर्सोसेज के रूप में होगा गोबर का उपयोग 
रायपुर, 21 मार्च 2023
 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में आज यहां विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय कक्ष में श्रीसीमेंट उद्योग और जिला प्रशासन बलौदाबाजार-भाटापारा के बीच एमओयू हुआ। 
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा विकासखण्ड में स्थापित श्री सीमेंट उद्योग द्वारा गोबर क्रय करने की सहमति दी गई है। कोयले की जगह ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने श्रीसीमेंट प्रतिदिन खरीदेगा 10 मीट्रिक टन गोबर। एडीशनल फ्यूल रिर्सोसेज के रूप में गोबर का भट्टी को गरम करने में कोयले के साथ उपयोग किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, कलेक्टर बलौदाबाजार-भाटापारा श्री रजत बंसल और श्री सीमेंट के श्री रवि तिवारी भी उपस्थित थे।
अधिकारियों ने बताया कि श्रीसीमेंट के सबसे समीप के गांव चण्डी में गोबर अन्य स्थानों से एकत्र कर कंपनियों को दिया जायेगा। गोबर की पूर्ति सीमेंट उद्योग के 15 किलोमीटर के परिधि वाले 16 गांव से प्रतिदिवस 10 मीट्रिक टन गोबर प्रदाय किया जाएगा। कम्पनी को अब तक 38.8 मीट्रिक टन गोबर प्रदाय किया जा चुका है। 
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में 07 गौ-शालाएं हैं, जिसमें 1739 पशुओं को रखा गया है, इनमें 04 सिमगा विकासखण्ड में ही स्थित है जो 20-25 किलोमीटर की दूरी पर है। गौ-शालाओं से भी प्रति दिवस 6 मीट्रिक टन गोबर प्रदाय की संभावना है। जिले में उद्योेगों के समीपस्थ लगभग 95 गांव हैं, जिसमें पशुओं की संख्या लगभग 80 हजार है। 
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन की गोबर खरीदी की गोधन न्याय योजना से प्रभावित होकर गोबर के उपयोग के नए-नए नवाचार सामने आ रहे हैं। गोबर से वर्मी कम्पोस्ट, दिये और गमले बनाने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में अब प्राकृतिक पेंट और बिजली का उत्पादन भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के श्रीसीमेंट उद्योग ने एडीशनल फ्यूल रिर्सोसेज के रूप में गोबर का उपयोग करने का फैसला किया है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

किसानों के लिए खुशखबरी: अब समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान ख़रीदेगी सरकार

समर्थन मूल्य MSP पर धान की खरीद देश में किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा कई नई योजनाएँ शुरू की जा रही है, तो वहीं खेती को लाभकारी बनाने के लिए अधिक से अधिक को किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP का लाभ दिया जा रहा है। इस कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के किसानों को एक बड़ी सौगात दी है। सरकार ने राज्य में इस वर्ष किसानों से अब प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान ख़रीदने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में किसानों के हित में बड़ी घोषणा करते हुए प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए यह घोषणा की। विधानसभा में चर्चा के बाद विनियोग विधेयक 2023 पारित कर दिया गया। अभी 15 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान ख़रीदती है सरकार छत्तीसगढ़ में सरकार अभी तक पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान की ख़रीदी की जाती है जिसके चलते अधिक पैदावार होने पर किसानों को शेष रह गई धान को बाजार में औने-पौने दामों पर बेचना पड़ता था। जिससे किसानों क...

तारबंदी योजना को मिली मंजूरी, एक लाख किसानों को तारबंदी के लिए दिया जाएगा अनुदान

तारबंदी Fencing के लिए अनुदान योजना हर वर्ष किसानों की फसलों को आवारा पशुओं, नीलगाय एवं जंगली जानवरों से काफी नुकसान होता है, जिसका सीधा असर उनकी आमदनी पर पड़ता है। ऐसे में सरकार द्वारा फसलों की सुरक्षा के लिए कई योजनाएँ चलाई जा रही है। इसमें राजस्थान सरकार ने राज्य में किसानों को अपने खेतों की तारबंदी योजना के लिए वित्त वर्ष 2023-24 के लिए मंजूरी दे दी है। साथ ही अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल सके इसके लिए योजना में कई संशोधन भी किए गए हैं। राजस्थान सरकार प्रदेश के एक लाख किसानों को 4 करोड़ मीटर तारबंदी के लिए अनुदान देगी। इस पर 444.40 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने निराश्रित पशुओं से फसलों को बचाने के लिए तारबंदी के वित्तीय प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अब सामुदायिक तारबंदी Fencing के लिए मिलेगा 70 फ़ीसदी अनुदान तारबंदी में सामुदायिक भागीदारी पर अब पहले से अधिक अनुदान मिलेगा। इसमें 10 या अधिक किसानों के समूह को न्यूनतम 5 हैक्टेयर में तारबंदी के लिए अनुदान राशि 70 प्रतिशत की गई है। राजस्थान सरकार ने यह स्वीकृति आगामी दो वर्षों के लिए...

छत्तीसगढ़ के किसान जान लें कौन सी बीमा कम्पनी करती है उनके जिले में फसल बीमा

फसल बीमा कम्पनी लिस्ट  छत्तीसगढ़ देश में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए वर्ष 2016 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है। इस योजना को अब ऋणी किसानों के लिए स्वेच्छिक कर दिया गया है, जिससे ऋणी एवं अऋणी किसान अब अपनी इच्छा के अनुसार बोई गई फसल का बीमा करा सकते हैं। योजना के तहत प्रत्येक राज्य में सूचीवद्ध जनरल बीमा कम्पनियों के द्वारा बीमा किया जाता है। जिसमें अलग-अलग जिलों में क्लस्टर बनाकर बीमा कम्पनियाँ बीमा करती हैं। फसल बीमा कम्पनियों का चयन सम्बंधित राज्य सरकार द्वारा बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।  ऐसे में किसानों को फसल बीमा करवाते समय जिस कम्पनी के द्वारा बीमा किया गया है उसकी जानकारी होना आवश्यक है, ताकि प्राकृतिक आपदा के समय फसल क्षति होने पर किसान समय पर कम्पनी को सूचित कर फसल क्षति का आंकलन करा सकें। किसान समाधान छत्तीसगढ़ राज्य में कार्य कर रही फसल बीमा कम्पनी एवं उनके टोल फ्री नम्बर की जानकारी अपने पाठकों के लिए लेकर आया है। वर्ष 2022-23 के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य में फसल बीमा करने वाली कम्पनी लिस्ट एवं ...